हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "बिहारूल अनवार ,,पुस्तक से लिया गया है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
:قال رسول الله صلى الله عليه وآله
شَعبانُ شَهري..... فَمَن صامَ شَهري كُنتُ لَهُ شَفيعاً يَومَ القِيامَةِ
हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.ने फ़रमाया:
शाबान मेरा महीना है और रमज़ान अल्लाह का महीना है। जो कोई मेरे महीने (शाबान) में रोज़ा रखेगा, मैं क़यामत के दिन उसकी शफ़ाअत करूँगा।
बिहारूल-अनवार, भाग 94, पेज 83
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